पौड़ी गांव के युवक सेना में अफसर बनने पर जिले के केसुंदर गांव में खुशी का माहौल है। गांव का होनहार युवा पहले ही प्रयास में सफल रहा। शनिवार को देहरादून आईएमए की पासिंग आउट परेड के बाद वेदांत सेना का हिस्सा बना वेदांत का परिवार वर्तमान में देहरादून रहता है उनकी माता रेखा रावत पिता भारत सिंह रावत के साथ वेदांतजिले के पौड़ी ब्लाक स्थित केसुंदर गांव गांव निवासी भारत सिंह रावत व रेखा रावत के घर दो मार्च १९९९ को नन्हें वेदांत का जन्म हुआ। वेदांत ने वर्ष २०१४ को आर्मी पब्लिक स्कूल क्लेमनटाउन से हाईस्कूल और वर्ष २०१६ में इंटरमीडिएट की परीक्षा ९४ फीसदी अंकों के साथ उत्तीर्ण की। वेदांत ने पहले ही प्रयास में एनडीए की परीक्षा उत्तीर्ण कर आज कमीशन प्राप्त किया। वेदांत के लेफ्टिनेंट बनने से गांव में क्षेत्र में खुशी की लहर है। माता-पिता कोरोना महामारी से बचाव व रोकथाम में जुटे हैं। वेदांत के पिता भारत सिंह रावत फार्मसिस्ट के पद पर हरिद्वार में सेवातर हैं। जबकि माता देहरादून में ही फार्मसिस्ट के पद पर सेवा दे रही हैं। बड़ा भाई प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी कर रहा है। ग्राम प्रधान नूतन सिंह रावत ने बताया कि गांव के बेटे वेदांत ने सेना में अधिकारी बनकर पूरे क्षेत्र का मान बढ़ाया है लेफ्टिनेंट वेदांत रावत के माता-पिता को बेटे के पासिंग आउट परेड में शामिल न हो पाने का दुख है। लेकिन उन्हें इस बाद की खुशी है कि वह कोरोना जैसी महामारी के बचाव व रोकथाम में अहम भूमिका निभा रहे हैं। केसुंदर गांव के प्रधान नूतन सिंह रावत बताते हैं कि गांव के ५० से अधिक ग्रामीण सेना के तीनों अंगों से जुड़े हुए हैं। इनमें से कुछ सेवानिवृत्त भी हो चुके हैं। रावत बताते हैं कि गांव के कई युवा सेना के तीनों अंगों में अफसर हैं।